दावे फेल... जाम में फंसे भाई, बदइंतजामी ने बढ़ाया बहनों का इंतजार
भाई दूज पर वाहनों दबाव के आगे रोडवेज और यातायात पुलिस के इंतजाम नाकाफी रहे। बुलंदशहर, हापुड़, गढ़, संभल रूट पर बसों के लिए भाई-बहनों को तीन-तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जाम की वजह से चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद करने पड़े। हाईवे-58 और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों की रफ्तार कम रही।
मेरठ। सुबह से ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ा तो आईटीएमएस चौराहों की रेड और ग्रीन लाइट बंद कर दी गईं। एहतियात के लिए येलो लाइट जलती रही। यातायात पुलिस वाहनों को संभाल नहीं सकी और लोग चौराहों पर ही फंसे रहे। पुलिस कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार मुताबिक सुबह 9:00 बजे बच्चा पार्क पर जाम लग गया। शाम 5:00 बजे के बाद बिजली बंबा बाईपास और शहर के अधिकांश मार्गों पर जाम लग गया। हालात बेकाबू हुए तो सभी संबंधित थानों की पुलिस को जाम खलवाने के लिए लगाना पड़ा। हालात ये हो गए कि 15 मिनट का सफर तय करने में लोगों को सवा घंटा तक लगा। शास्त्रीनगर एल ब्लाक निवासी अधिवक्ता हरेंद्र सिंह ने बताया कि वह बहन के घर जाने के लिए सुबह 11 बजे चले और शाम को चार बजे मुजफ्फरनगर पहुंचे। करीब दो घंटे एनएच-58 पर जाम में फंसे रहे। गंगानगर सी ब्लाक निवासी कमल सिंह ने बताया कि जाम में फंसने के चलते वह तीन घंटे में हापुड़ पहुंचे। साकेत निवासी संजय वर्मा ने बताया कि सुबह 10 बजे परिवार संग दिल्ली के लिए निकले और शाम को पांच बजे पहुंचे। वहीं एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि वाहनों का दबाव ज्यादा था इसलिए रफ्तार कम रही। सभी जगह अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था जिसकी वजह से लंबा जाम नहीं लगा।
सिवाया टोल: गुजरते थे 22 हजार वाहन, भाई दूज पर निकले 40 हजार
मोदीपुरम। भाई दूज की वजह से एनएच-58 के सिवाया टोल पर जाम लग गया। इस वजह से यहां दिन भर वाहन रेंगते रहे। आम दिनों में यहां से औसतन 22 से 25 हजार वाहन गुजरते हैं। बृहस्पतिवार को 40 हजार वाहन निकले। बहनों को भाइयों तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के काशी टोल प्लाजा पर भी वाहनों की संख्या बढ़ने की वजह से लंबी कतारें लगी रहीं। संवाद
बसों के लिए करना पड़ा तीन-तीन घंटे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। हर रूट पर प्रत्येक 20 मिनट में बसें उपलब्ध कराने के परिवहन निगम के दावे बृहस्पतिवार को फेल हो गए। सोहराब गेट डिपो पर यात्रियों को गढ़, संभल समेत कई रूटों पर बसें नहीं मिली। सोहराब गेट डिपो पर बस का इंतजार कर रहे विपिन ने बताया कि 11 से दो बजे के बीच संभल के लिए कोई बस नहीं आई। पूछताछ केन्द्र पर उन्हें बताया गया कि संभल के लिए केवल तीन बसें लगी हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बीच राह से सवारियों को बैठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सोहराब गेट डिपो से रास्ते में उतरने वालों को नहीं बैठाया गया। गढ़ के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रही रेखा शर्मा ने बताया कि चालक-परिचालक ने उन्हें मुरादाबाद की बस में बैठने से रोक दिया।
सिटी बसें भी रहीं फुल
मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट के तहत शहर में करीब 70 सीएनजी व 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। शुक्रवार को भाईदूज के चलते सिटी बसों में भी यात्रियों की काफी संख्या रही। मेरठ से मोदीनगर, मोदीपुरम, सरधना, मवाना, हस्तिनापुर, किठौर आदि रूटों पर रिजर्व में खड़ी बसों को भी चलाया गया। इसके बावजूद बसों में भारी भीड़ रही। सोहराब गेट डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एके त्रिवेदी ने कहा कि त्योहार की वजह से यात्रियों की संख्या ज्यादा रही। रोडवेज ने इसके बावजूद बेहतर व्यवस्था बनाई।