मेरठ। शहर को 28 अक्तूबर से गंगाजल मिलने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग भले ही रविवार की मध्य रात्रि को हरिद्वार से गंगनहर में पानी छोड़ने का दावा कर रहा हो, लेकिन सच्चाई यह है कि मंगलवार शाम तक गंगनहर में भोले की झाल तक भी पानी नहीं पहुंच पाया।
चार अक्तूबर की माध्यरात्रि को हरिद्वार से गंगनहर को बंद कर दिया था। उस समय सिंचाई विभाग ने 24-25 अक्तूबर की मध्य रात्रि से गंगनहर को चालू करने की बात कही थी। इस बीच सभी नहरों की सफाई का भी दावा किया गया था। नहरों की सफाई पर भी इस बार औपचारिकता पूरी की गई है। उधर समय पर जनता को भी पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मंगलवार को नगर निगम कलकल विभाग के सहायक अभियंता दुष्यंत कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग ने अब 27 अक्तूबर को भोले की झाल पर पानी पहुंचने की जानकारी दी है। भोले की झाल से शहर तक पहुंचने वाली पाइप लाइन की धुलाई भी 12 घंटे तक होगी। शर्मा स्मारक और थापर नगर में लगे पानी के वॉल खोल दिए गए हैं। ब्यूरो