मेरठ। नायरा पेट्रोल पंप पर घटतौली और मिलावटी तेल के मामले में चिप का खेल हो गया है। एसटीएफ ने अहम सुबूत के रूप में मशीन में लगने वाली जो चिप दी थी, वह अब तक विवेचनाधिकारी को मिल ही नहीं पाई है। इसे किसने गायब किया, करोड़ों के इस खेल में आखिर कौन है, जो आरोपियों को बचाना चाहता है। इसको लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। ब्रह्मपुरी पुलिस का कहना है कि सप्लाई इंस्पेक्टर को चिप के लिए दो बार नोटिस दिया जा चुका है। तेल के खेल में एसटीएफ के अधिकारियों की तरफ से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
तीन नवंबर 2022 को एसटीएफ की टीम ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ जनपद में नायरा कंपनी के पेट्रोल पंपों पर छापामारी की थी। इस मामले में ब्रह्मपुरी थाने में पंप मालिक अवनीश गोयल, मैनेजर संचित गोयल और मशीनों का कार्य करने वाले कर्मचारी सलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में अब ब्रह्मपुरी पुलिस विवेचना कर रही है। तेल के खेल में मशीन में लगी चिप का सबसे अहम रोल रहता है। एसटीएफ की टीम ने जो फर्द दी थी, उसमें भी चिप का जिक्र किया गया लेकिन विवेचना हुई तो चिप गायब हो गई।
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी विष्णु कौशिक का कहना है फर्द के दौरान चिप नहीं दी गई है। पूर्ति विभाग से चिप लेने के लिए दो बार नोटिस जारी कर दिया है।
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आखिर कौन है आरोपियों से मिला हुआ
एसटीएफ की टीम ने जिस मामले के खुलासे के लिए लंबे समय तक मेहनत की, उस पर पानी फिरता नजर आ रहा है। पांच महीने पहले दर्ज हुए मामले में अभी तक चिप का नहीं मिलना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। आखिर इतने अहम मामले में चिप को लेकर लापरवाही किस विभाग ने की। एसटीएफ की तरफ से सबकुछ जब फर्द में लिखकर दे दिया गया था तो पुलिस ने चिप चेक क्यों नहीं की ? अगर पूर्ति विभाग की तरफ से लापरवाही हुई तो उन्होंने क्या किया ? दो बार नोटिस दिए जाने के बाद भी चिप पुलिस को क्यों नहीं सौंपी गई ? जिस तरह से मामला सामने आ रहा है कि उससे इस बात की संभावना भी लग रही है कि कहीं चिप गायब ही न हो गई हो, ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर आरोपियों को इसका लाभ मिल जाएगा।
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दूसरे पंपों की विवेचना में भी चार्जशीट नहीं
हस्तिनापुर में सिद्धबली फिलिंग पंप पर भी छापामारी की गई थी। परतापुर में चंद्रप्रकाश एंड संस पेट्रोल पंप और इंचौली में रायल फिलिंग स्टेशन के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन इनकी विवेचना भी पूरी नहीं हो पाई है।