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Meerut News: सूर्यापुरम में कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत

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रक्षाबंधन पर आवारा कुत्ते ने किया था 11 साल के दुष्यंत पर हमला, परिजनों ने नहीं लगवाए थे एंटी रैबीज के इंजेक्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित सूर्यापुरम कॉलोनी में कुत्ते के काटने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। रक्षाबंधन पर कॉलोनी में आवारा कुत्ते ने बालक को काटा था। परिजनों ने उसे एंटी रैबीज के इंजेक्शन नहीं लगवाए थे।

कॉलोनी निवासी धन्नू के बेटे दुष्यंत पर घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने हमला कर दिया था। आसपास के लोगों के कहने पर परिजनों ने उसे टिटनेस का इंजेक्शन लगवा दिया था। एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाए। इसके कुछ दिन बाद कुत्ते की मौत हो गई थी। बाद में दुष्यंत की भी हालत बिगड़ने लगी। उसे लगातार बुखार रहने लगा। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाया। जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। परिजन बच्चे को एम्स ले गए। हालत ज्यादा बिगड़ने पर एम्स के चिकित्सकों ने भी जवाब दे दिया। इसके बाद परिजन बच्चे को घर ले आए और अपने स्तर से उसका उपचार कराने लगे। रविवार रात दुष्यंत ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह परिजनों ने गढ़मुक्तेश्वर में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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हालत बिगड़ने पर कमरे में रखा गया बंद
दुष्यंत की तबीयत हालत ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने उसे कमरे में बंद कर दिया था। दो दिन से वह कुछ खा भी नहीं रहा था। उसकी हालत देख मां संगीता व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दुष्यंत के परिवार में तीन भाई ऋतिक, चीनू और नितीश हैं।

हर माह साढ़े चार हजार से ज्यादा लोगों को बना रहे शिकार

मेरठ। शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। इस साल पिछले साल पिछले (एक जनवरी 2023 से 30 सितंबर 2023 तक) 42563 लोगों को उन्होंने निशाना बनाया है, यानी हर माह साढ़े चार हजार से भी ज्यादा लोगों को निशाना बनाया गया है। ये तो वो हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आए, इनके अलावा ऐसे भी लोग हैं जिन्हें कुत्तों ने काटा और उनका रिकॉर्ड नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (वैक्सीन) लगवाने वालों की हर रोज़ लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज़ एआरवी आ रहे हैं। वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी न हो। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
यह है रैबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रैबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रैबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।


रैबीज के लक्षण
रैबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है।


रैबीज का उपचार

रैबीज रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे बचाव हो सकता है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवां 28 दिन के बाद लगाया जाता है।
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पुराने टोटके अपनाने से बचें
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि अगर कुत्ता काट ले तो पुराने टोटके अपनाने से परहेज करना चाहिए। कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगा लेने का प्रचलन अब भी है, लेकिन ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
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