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Meerut News: पनीर, दूध, बेसन सब में मिलावट, 275 नमूने फेल

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विश्व खाद्य दिवस आज
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लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्तूबर को मनाया जाता है दिवस
331 लोगों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कराया, नहीं सुधर रहे मिलावटखोर

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पनीर, दूध, बेसन कुछ भी खाने लायक नहीं है। हर चीज में मिलावट है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इस साल सितंबर तक 581 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए, जिनमें से 275 नमूने फेल हो गए। इनमें कचरी, सॉस, तेल, नमकीन और मिठाइयां भी शामिल हैं। 331 लोगों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया कराया गया है। पिछले दिनों नवरात्र पर व्रत से संबंधित कुट्टू के आटे और साबुत कुट्टू के 73 नमूने लिए गए। मिलावट के संदेह के आधार पर 141 किलोग्राम साबुत कुट्टू और कुट्टू का आटा जब्त किया गया है।
लोगों में खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 16 अक्तूबर विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) लोगों को जागरूक करने के साथ ही समय-समय पर बाजार में छापा भी मारता है। साथ ही खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाते हैं। विभाग कार्रवाई करता है, मगर सुधार नहीं हो रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जो सैंपल लेती है, उनमें से आधे से ज्यादा खाद्य पदार्थों के नमूने फेल निकलते हैं। मिलावट से सतर्क रहने की जरूरत है।
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खाद्य पदार्थ बनाने के ये हैं नियम
- खाद्य सामग्री खुले में न रखें
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें
- संक्रामक रोग से ग्रसित कर्मचारी को खाद्य निर्माण प्रतिष्ठान में न रखें
- बर्तन साफ और धुले हुए हों
- बासी खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें
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बीमार होने का है खतरा
गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थ खाने से बीमार होने का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बदहजमी आदि शिकायतें हो सकती हैं। मिलावटी पदार्थ का लंबे समय तक प्रयोग करने पर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। - डॉ. संदीप जैन, फिजिशियन
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मिलावट पर पिछले तीन साल में यह जुर्माना वसूला गया
साल 2023-24: एक करोड़, 65 हजार रुपये
साल 2022-23: एक करोड़, 72 लाख, 70 हजार रुपये
साल 2021-22: 43 लाख, 65 हजार

गंदगी में खाद्य पदार्थ बनाने वाले एफएसडीए के रडार पर
गंदगी में मिठाई आदि खाद्य पदार्थ बनाने वाले खाद्य सुरक्षा प्रशासन के रडार पर हैं। इसके लिए एफएसडीए ने छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही विभाग गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - दीपक सिंह, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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