खरखौदा। मेडिकल कॉलेज में दो कर्मचारियों द्वारा स्टाफ नर्स को ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय में 164 के बयान होने के बाद हिरासत में लिए दोनों आरोपियों पर आरोप तय हो गए। इसके बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पीड़िता के अनुसूचित जाति का होने के कारण अब इस केस की विवेचना सीईओ किठौर करेंगी।
क्षेत्र के एक निजी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में छह माह पहले स्टाफ नर्स से दो कर्मचारियों टिंकू व हरेंद्र ने किसी काम के बहाने तीसरी मंजिल पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था और वीडियो भी बना ली थी। छह माह तक आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से अलग-अलग जगहों पर सामूहिक दुष्कर्म किया। छह माह बाद हिम्मत कर जब पीड़िता ने खरखौदा थाना पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने महिला का मेडिकल कराकर उसके बयान करा दिए थे। सोमवार को न्यायालय में पीड़िता के 164 के बयान दर्ज हो गए थे। बयान के आधार पर ही हिरासत में लिए दोनों आरोपियों पर आरोप भी तय हो गए थे। मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। पीड़ित अनुसूचित समाज से थी। सीओ किठौर रुपाली राय ने उसके बयान का अवलोकन किया तथा अब आगे केस की विवेचना सीईओ किठौर स्वयं करेंगी।