मेरठ। सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने कंकरखेड़ा में बाल विवाह पर संगोष्ठी का आयोजन किया। संस्था अध्यक्ष कल्पना पाण्डेय ने अभियान को कानूनी और सामाजिक बदलाव लाने के लिए जरूरी बताया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने बाल विवाह से जुड़े गंभीर दुष्परिणामों पर बताया। सुमन शुक्ला ने बताया कि बाल विवाह के कारण कुपोषण, खराब स्वास्थ्य और मृत्यु दर जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। ज्योति सोम ने बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता को बदलने और उन्हें शिक्षित कर सशक्त बनाने पर जोर दिया। गीता शर्मा ने कहा कि बाल विवाह का प्रभाव सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। पूनम टंडन ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि कहीं भी बाल विवाह होता दिखे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। संगोष्ठी में सरिता, मधु, बृजबाला सहित कई अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।