बिजनौर। ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य चल रहा है, लेकिन अधिकांश स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या आधे से कम रही है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों को निपुण करने सपना पूरा होना कठिन ही नहीं नामुकिन है। स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए गुरुजी उनके घर घर जाकर अभिभावकों से मिलेंगे और उनसे अपने बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
कारण कोई भी अधिकांश परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम होती है। परीक्षाओं में भी शिक्षक घर से बुलाकर लाते हैं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रखा शिक्षकों के बड़ी चुनौती है। पिछले सप्ताह जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्वयं स्कूलों का निरीक्षण किया था। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति पूरी रखने के निर्देश दिए थे।
बीएसए जयकरन यादव ने कई स्कूलों में छात्रा-छात्राओं की संख्या मिली है। शिक्षकों का कहना है कि वह अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने को कहते हैं। दो तीन दिन बाद छात्र फिर गायब होने लगते हैं।
रोजाना स्कूल नहीं आने वाले छात्रों के घर जाकर शिक्षक-शिक्षिकाएं अभिभावकों को अपने बच्चों को समय से स्कूल में भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। शिक्षक इस व्यवस्था पर नियमित कार्य करेंगे। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख दिया है। - जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी