देश के पहले 14 लेन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एनएचएआई ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्ययोजना तैयार कर ली है। कई महीनों से दोपहिया वाहन चालकों के कारण हादसे बढ़ते जा रहे हैं। इस मामले में परिवहन मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है। अब एक्सप्रेसवे पर स्मार्ट इंटेलीजेंस सिस्टम कार्य करेगा। वाहनों की नंबर प्लेट सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पुलिस को सौंपी जाएगी। इसके बाद घर पर चालान पहुंचेगा।
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर अगले एक सप्ताह के अंदर बड़ा अभियान चलाने की तैयारी है। एनएचएआई भारी संख्या में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की नंबर प्लेट पुलिस को सौंपेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर चलने वालों के चालान काटे जाएंगे। कई बार स्थानीय पुलिस ने परतापुर इंटरचेंज के पास खड़े होकर दोपहिया वाहनों को रोकने के लिए अभियान चलाया लेकिन, सफल नहीं हो सका। अब जो भी कोई एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों से सफर करेगा घर पर चालान पहुंचाया जाएगा।
एक से पांच हजार रुपये तक होगा चालान
एक्सप्रेसवे पर चार पहिया या उससे अधिक वाहनों के चलने की अनुमति है। इसमें हल्के वाहन की गति 100 किमी प्रतिघंटा और भारी वाहन 80 किमी प्रतिघंटा तय है। इस मामले में भी लगातार वाहनों की गति को सीसीटीवी कैमरे से पढ़कर समीक्षा की जाती है। दोपहिया वाहनों के चलने पर एक से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर आप अकेले दोपहिया वाहन चला रहे हैं तो एक हजार और अगर अन्य भी आपने बैठा रखे हैं तो एक हजार रुपये से अधिक का चालान भरना होगा।
भारी जुर्माना लगाएंगे
अब दोपहिया और तिपहिया वाहनों को छूट नहीं दी जाएगी। टोल पर भी वह रोकने के बाद निकल जाते हैं। इंटेलीजेंस सिस्टम काम करेगा। वाहनों पर भारी जुर्माना लगाते हुए अभियान शुरू करेंगे।
- अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई