मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) की ओर से सोमवार को पीजी स्तर पर लागू एनईपी में परीक्षा, बैक पेपर एवं कक्षा पदोन्नति के नियम जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब से शोध परियोजना आठ क्रेडिट की होगी। इसे दो सेेमेस्टर में पूरा करना होगा। विद्यार्थी इसको शोध परियोजना विभाग के पूर्णकालिक शिक्षक के निर्देशन में पूरा करेंगे। शोध का मूल्यांकन वर्ष के अंत में 100 अंकों में से होगा।
नियमों के मुताबिक शोध परियोजना की रिपोर्ट डिजटेर्शन थेसिस विभाग में जमा होगी। इसके लिए कृपांक नहीं मिलेगा। वहीं, छात्र बैक पेपर में 12 क्रेडिट तक के पेपर ही ले सकेंगे। बैक पेपर या इंप्रूवमेंट की सुविधा सम विषय सेमेस्टर के पेपर के लिए सम विषय सेमेस्टर में ही मिलेगी। एक छात्र दो पूरे सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं एक साथ नहीं दे सकेंगे। पीजी एनईपी में छात्रों को आंतरिक एवं बाह्य परीक्षा दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा। प्रत्येक में 36-36 फीसदी अंक अनिवार्य होंगे।
मुख्य एवं माइनर के प्रत्येक कोर्स एवं पेपर सौ अंकों के होंगे और इसमें भी 36 फीसदी अंक जरूरी होंगे। बाह्य परीक्षा 70 और आंतरिक परीक्षा 30 अंक की होगी। इसमें 21 और नौ अंक लाने जरूरी होंगे। विवि के अनुसार आंतरिक परीक्षा में पास होने पर ही छात्र बाह्य परीक्षा दे सकेंगे।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- विषम सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम कुछ भी हो, छात्र को अगले सम सेमेस्टर में प्रमोशन मिलेगा
- सेमेस्टर के एक, तीन व पांच का परिणाम कुछ हो, छात्राें को सेमेस्टर दाे, चार व छह में प्रवेश मिलेगा
- सम सेमेस्टर से अगले विषम सेमेस्टर में प्रथम वर्ष से द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत होने के नियम निर्धारित हैं
- 50 प्रतिशत क्रेडिट की गणना में दशमलव के बाद के अंक नहीं गिने जाएंगे