संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने नेट पास पीएचडी और विश्वविद्यालय परिसर की शोध छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों को आखिरी मौका दे दिया है। अक्तूबर-नवंबर 2025 की चौथी किस्त (10 हजार रुपये) का बिल 15 दिसंबर तक जमा करना अनिवार्य है। अन्यथा यह राशि लैप्स हो जाएगी। विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है कि जिन पीएचडी छात्रों के नाम 2025-26 के लिए स्वीकृत सूची में हैं, वे ही पात्र हैं। अब छात्रों को अपना बिल भरकर सुपरवाइजर और प्राचार्य या विभागाध्यक्ष से हस्ताक्षर करवाने होगा। इसके बाद स्वयं विश्वविद्यालय परिसर आकर छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) ऑफिस में रजिस्टर में हस्ताक्षर करके बिल जमा करना है। यह काम 15 दिसंबर तक किसी भी कार्यदिवस में करना होगा। इस दौरान यह ध्यान रखना होगा कि छात्र ने थिसिस जमा तो नहीं कर दी या शोध छोड़ तो नहीं दिया। कहीं यूजीसी-जेआरएफ/एसआरएफ या कोई और फैलोशिप तो नहीं ले रहा और कहीं नौकरी तो नहीं कर रहा है। अगर गलत जानकारी मिली तो छात्रवृत्ति तुरंत रद्द कर दी जाएगी।