सरधना। कुटुब रजिस्ट्रर, शैक्षिक स्थानों की टीसी प्रमाणपत्र व 1359 फसली वर्ष की खतौनी के आधार पर जांच के बाद कोरी और भूईयार जाति के प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। तहसीलदार नटवर सिंह ने शासन के पत्र का हवाला देते हुए निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि हिन्दू जुलाहा कोई जाति नहीं है। कोरी समाज व भुईयार समाज के जाति प्रमाण पत्र जारी करने से पहले आसपास के लोगों से पूछताछ जांच पड़़ताल की जाएगी। साथ ही कुटुब रजिस्ट्रर, शैक्षिक स्थानों की टीसी प्रमाणपत्र व 1359 फसली वर्ष की खतौनी के आधार पर जांच के बाद ही कोरी व भूईयार समाज के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
इससे पहले जाति प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर तहसील में तीन दिन से चल रहा कोरी और भूईयार समाज के लोगों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। धरने में दौराला ब्लाॅक क्षेत्र के गांव जमालपुर-जलालपुर निवासी सोनू पुत्र रणसिंह ने बताया कि गत माह एडीएम प्रशासन अमित कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शासनादेश के आधार पर भुईयार जाति प्रमाणपत्र जारी करने के तहसीलदार को निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद भी हल्का लेखपाल जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहा है। तहसीलदार नटवर सिंह ने बताया कि शासनादेश के आधार पर जाति प्रमाणपत्र ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद जारी किए जा रहे है। शासन स्तर से ही भुइयार व कोरी जाति के प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक है। इस दौरान धरने में कोरी व भुईयार समाज के दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं, भारतीय मतदाता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आदेश फौजी ने भी कोरी और भूइयार समाज के लोगों के जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आदेश फौजी ने एसडीएम से फोन पर वार्ता की और तहसीलदार से कोरी समाज के लोगों से मिलकर समाधान कराने की मांग की। जिससे यूपी पुलिस की भर्ती से कोरी समाज के युवा वंचित ना रहे। इस दौरान कोरी समाज के सरूरपुर खुर्द, करनावल, रार्धना, खेड़ा, नाहली, गोटका, जसड़ सुलताननगर के सैकड़ों युवा और नीरज कादयान, सुरेश पूनिया, योगेश गोस्वामी, प्रमोद, राहुल, कपिल आदि मौजूद रहे।