सरधना (मेरठ)। मेरठ-करनाल हाईवे पर दबथुवा गांव में बृहस्पतिवार रात ठेले में कार की टक्कर लगने पर वहां मौजूद युवकों ने कार सवार लोगों पर हमला करते हुए मारपीट की थी। भीड़ ने घेराव कर मरीज की कार में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश भी थी की। इस मामले में थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। बताया गया कि आरोपी ने घटना के अगले दिन तहरीर दी, जिसका मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जबकि पीड़ित पक्ष ने रात में ही तहरीर दे दी थी, लेकिन शनिवार देर रात तक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से शिकायत की। जिस पर थाना प्रभारी लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई गई।
मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना के गांव लोई निवासी फरहान बृहस्पतिवार रात पिता मेहरबान की तबीयत खराब होने पर उन्हें कार में बैठाकर मेरठ ले जा रहे थे। मेरठ-करनाल हाईवे पर दबथुवा गांव के पास एक ठेली में कार की टक्कर लग गई। वहां मौजूद लोगों ने कार सवारों को नीचे उतारकर बुरी तरह पीटा। भीड़ ने कार में तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की।
वृद्ध की हालत बिगड़ती देखकर कार सवार वहां से किसी तरह जान बचाकर निकले तो भीड़ ने उनके साथी आदिल को बंधक बना लिया। एसएसपी से शिकायत के सरूरपुर व सरधना पुलिस ने बंधक बनाए गए आदिल को छुड़वाया था।
शनिवार को पीड़ित पक्ष एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मिला। एसएसपी ने थाना प्रभारी को मामले में लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई और जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। अब पुलिस घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज तलाश करने में जुट गई है।