मेरठ। सीसीएसयू परिसर में नए शिक्षा सत्र में ही यूजी (अंडर ग्रेजुएट) ब्लॉक तैयार हो जाएगा। यह करीब 12 कमरों का होगा। अभी अखाड़ा के नजदीक आठ कमरे बने हुए हैं। यहां चार कमरे बनाने के बाद पूरा ब्लाॅक बन जाएगा। करीब 2500 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके बाद यूजी के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए इधर से उधर नहीं जाना पड़ेगा।
सीसीएसयू को नैक से ए प्लस-प्लस का ग्रेड मिला हुआ है, मगर यूजी का ब्लॉक नहीं है। अफसरों का कहना है विवि में पीजी विद्यार्थियों की व्यवस्था है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यूजी ब्लॉक बनाने की जरूरत है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। एनईपी के तहत सेमेस्टर सिस्टम और नियमित क्लास का प्रावधान है। वर्तमान में यूजी की कुछ कक्षाएं अखाड़ा के नजदीक बने कमरों में चलती हैं।
बाकी विद्यार्थियों को संबंधित विभाग में जाकर पढ़ना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय लगता है और अधिकांश विद्यार्थी क्लास में जाने से बचते हैं। अब विवि प्रशासन ने तय किया है कि अखाड़ा के नजदीक बने आठ कमरों के साथ ही चार-पांच कमरे और बना दिए जाएं तो यूजी का पूरा ब्लॉक बनकर तैयार हो जाएगा। यूजी का ब्लॉक बनने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए इधर से उधर नहीं जाना पड़ेगा।
विवि की आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो. मृदुल गुप्ता का कहना है कि यूजी के ब्लॉक की काफी जरूरत है। इसमें करीब 2500 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। नए शिक्षा सत्र तक ब्लाॅक बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
0- डेढ़ साल पहले शासन को भेजा था प्रस्ताव
विवि परिसर में यूजी का ब्लॉक बनाने के लिए शासन को करीब डेढ़ साल पहले पत्र लिखा गया था और करीब 30 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। शासन से कोई जवाब नहीं आने की वजह से अब विवि अपने स्तर से प्रयास कर रहा है।