मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की महायोजना-2031 को लागू किया जा चुका है। महायोजना-2021 जहां 500 वर्ग किमी. से भी कम थी, वहीं महायोजना-2031 में बढ़कर यह 1043 वर्ग किमी. की हो गई है। शहर से लेकर देहात तक के क्षेत्र प्राधिकरण की सीमा में शामिल हो चुके हैं। रैपिड कॉरिडोर के तहत दिल्ली रोड व रुड़की रोड का जोनल प्लान तैयार किया गया है। एनसीआरटीसी की ओर से कॉरिडोर में मिश्रित भू-उपयोग रखा गया है। अब माइक्रो लेवल पर अस्पताल, सार्वजनिक भू-उपयोग, पार्क आदि के लिए जोनल प्लान तैयार हो रहा है। मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर 18 से 20 मार्च तक लगातार तीन दिन विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में इच्छुक व्यक्ति प्राधिकरण में भू-उपयोग से संबंधित मामलों के लिए आ सकते हैं। भू उपयोग परिवर्तन के लिए प्राधिकरण की वेबसाइट प्रारूप के जरिए आवेदन किया जा सकता है। ब्यूरो