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Meerut News: बसें पड़ीं कम, इंतजार करती रहीं बहनें

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मेरठ। रक्षाबंधन पर पर्याप्त रोडवेज बसें चलाने के परिवहन निगम के दावों की भीड़ के आगे हवा निकल गई। महिलाओं के लिए नि:शुल्क यात्रा के चलते रोडवेज बसें कम पड़ गईं। यात्री बसों के लिए भटकते मिले। बसों में सीट के लिए मारामारी मची रही। बिजनौर, हरिद्वार, नोएडा मार्ग पर सबसे अधिक यात्री निकले। इस मार्गों पर 65 अतिरिक्त बसें चलाईं, फिर भी यात्री परेशान रहे।
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रक्षाबंधन पर्व पर परिवहन निगम ने बेडे की तमाम बसों को सड़कों पर उतारा था। हर मार्ग पर पर्याप्त बसें चलाने के दावे किए गए थे, मगर सभी दावे सोमवार को धरे के धरे रहे गए। रक्षाबंधन पर सुबह से ही यात्रियों को भारी भीड़ रही। रोडवेज बसों में महिलाओं के नि:शुल्क यात्रा के कारण बेशुमार भीड़ रही। सभी मार्गों पर बसें ठसाठस भर कर चली। सीट के लिए मारामारी मची रही। हरिद्वार मार्ग पर नियमित के अलावा दस अतिरिक्त बसें भेजनी पड़ी। नोएडा, मुरादाबाद, बिजनौर मार्ग पर भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। लंबी दूरी की सभी बसों के अलावा शामली मार्ग समेत करीब 65 बसों को बिजनौर-धामपुर-नजीबाबाद मार्ग पर भेजा गया। हरिद्वार और बिजनौर गई बसें वहां लगे जाम के कारण लौट कर नहीं आई। जिससे दोपहर बाद बसों के कम पड़ने पर यात्री बस स्टैंड पर बसों के लिए भटकते रहे। जो भी बस आती उसके भीड़ टूट पड़ती। महिलाओं और बच्चों को यात्रा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अनुबंधित बसों के फेरे बढ़ाए गए, मगर हाईवे समेत सभी मार्गों पर जाम के कारण समय पर बसें नहीं मिल सकी। देर शाम तक रोडवेज बसों की व्यवस्था पटरी से उतरी रही, ऐसे में यात्रियों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा।
भैसाली डिपो के एआरएम एसपी सिंह का कहना है कि बेडे की तमाम बसों का सड़कों पर उतारा गया, मगर बेहिसाब यात्रियों के कारण बसें कम पड़ गई। हरिद्वार और बिजनौर मार्ग पर लगे जाम के कारण करीब 70 बसें जाम में फंसने के कारण बसें लौट कर समय पर नहीं आई, जिस कारण शाम के समय यात्रियों को बसें नहीं मिलने के कारण परेशानी हुई। देर शाम तक स्थिति कंट्रोल कर ली गई।
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मुस्लिम महिलाओं ने भी खूब यात्रा की
रोडवेज बसों में रक्षाबंधन पर महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा मिली। ऐसे में मुस्लिम महिलाओं ने भी इस नि:शुल्क यात्रा का भरपूर फायदा उठाया।

रास्ते में से यात्रियों को नहीं उठाया
परिवहन निगम के अफसरों के आदेश थे कि रास्ते में भी यात्रियों को हर स्थान से बस में सवार करना है। मगर ऐसा नहीं हुआ। बसें रोडवेज बस अड्डे से ही ठसाठस भर कर चल रही थी। इसी कारण रास्ते में खड़ी सवारियों को नहीं लिया गया। मोदीपुरम, कंकरखेडा बाईपास, बड़ौत, बागपत बाईपास पर यात्री बकों के इंतजार में खड़े रहे। हाथ का इसारा करने पर भी रोडवेज बसों ने उन्हें नहीं बैठाया। बसें नहीं रुकने पर डग्गामार वाहनों में यात्रियों ने सफर किया।

ट्रेनों में भी भीड़ रही
ट्रेनों में भी भीड़ रही। हालांकि रोडवेज बसों में महिलाओं के नि:शुल्क यात्रा के कारण ट्रेनों में मारामारी वाली स्थिति साेमवार को नहीं रही। रविवार को जिन ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी मची थी, सोमवार को इन ट्रेनों में ऐसी स्थिति नहीं थी। राज्यरानी एक्सप्रेस, शालीमार एक्सप्रेस, अंबाला इंटर सिटी, दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर, नौचंदी एक्सप्रेस, योगा एक्सप्रेस में भीड़ देखने को मिली। गोल्डन टेंपल, जालंधर इंटर सिटी सुपर, ब्रांदा एक्सप्रेस में स्थिति सामान्य रही।
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