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Meerut News: ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली के हैक होने से घट गए बसों के फेरे

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मेरठ। परिवहन निगम की ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली हैक होने के बाद चौथे दिन भी मेरठ रीजन में बसों का संचालन लड़खड़ाया रहा। कई रूटों पर बसों के फेरों में भी कमी आई है, जिसका असर रोडवेज की आय पर भी पड़ा है। उधर नए परिचालकों को भी ड्यूटी पर लगा दिया गया है, लेकिन मैनुअल टिकट काटे जाने के कारण बसों का संचालन देरी से हो रहा है, जिससे अधिकांश रूटों पर बसों के फेरे घट गए हैं।
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बुधवार को परिवहन निगम की ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली को हैक करने के बाद चार दिन से पूरे प्रदेश में राेडवेज की बसों में ऑनलाइन टिकट नहीं कट रहे हैं। मेरठ रीजन में गढ़, सोहराब गेट, मेरठ, भैसाली और बड़ौत डिपो से 710 बसों का संचालन हो रहा है। इन डिपो से सभी रूटों पर चलने वाली बसों में अब मैनुअल टिकट काटे जा रहे हैं। इसका असर रोडवेज की कमाई पर पड़ रहा है।
हाथ से टिकट काटने में लगता है ज्यादा समय
हाथ से एक टिकट काटने में दो मिनट से भी अधिक समय लगता है। टिकट कटने में देरी के कारण सभी रूटों पर 20 प्रतिशत तक बसों के संचालन में कमी आई है। मेरठ से आनंदविहार तक 20 बसों का संचालन होता है। एक बस दिनभर में 6 फेरे लगाती है, लेकिन टिकट देरी से कटने के कारण बस एक दिन में मात्र 4 फेरे ही लगा पा रही है।
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नए परिचालकों को आ रही टिकट काटने में दिक्कत
मेरठ रीजन में 1500 से अधिक परिचालक हैं। इनमें 100 से अधिक परिचालकों की नई भर्ती हुई है। इन परिचालकों को हाथ से टिकट काटने में समस्या आ रही थी। ट्रेनिंग के बाद सभी परिचालक ड्यूटी पर लौट आए हैं।
कर्मचारियों की छुट्टियां हुई कैंसिल
सर्वर हैक होने के बाद बसों के संचालन में समस्या को देखते हुए आरएम केके शर्मा ने मेरठ रीजन के सभी पांचों डिपो के बाबुओं, स्टोर कीपर, कार्याशाला अधीक्षक, चालक और परिचालकों की छुट्टियां रद कर दी हैं।
मुख्यालय में किया जा रहा ट्रॉयल
रोडवेज अधिकारियों की मानें तो संबंधित कंपनी की ओर से नए सर्वर को लेकर मुख्यालय में ट्रॉयल किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने के बाद फिर से ऑनलाइन टिकट कटने शुरू हो जाएंगे।
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बसों का संचालन प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। नए सॉफ्टवेयर का भी ट्रायल किया जा रहा है, जल्द ही सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। - मुकेश अग्रवाल, एआरएम वित्त
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