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Meerut News: मरीजों की दलाली... मेडिकल से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा रहे मरीज

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मेरठ। एलएआरएम मेडिकल कॉलेज से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराने का खेल चल रहा है। मेडिकल के कुछ कर्मचारी और एंबुलेंस चालक मिलकर यह कार्य कर रहे हैं। प्राचार्य के संज्ञान में ऐसे 18 लोग आए हैं। इनकी गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। जांच में अगर आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। फिलहाल प्राचार्य ने इन्हें चेतावनी दी है।
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सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों से पूछताछ हुई है, उनमें 14 लोग मेडिकल कॉलेज से ही जुड़े हैं। इनमें एक नर्सिंग स्टाफ है और 13 वार्ड बॉय हैं। इनमें से चार स्थाई कर्मचारी और 10 संविदाकर्मी हैं। इनके अलावा चार एंबुलेंसकर्मी हैं। इनमें पता किया जा रहा है कि जो एंबुलेंसकर्मी हैं, वे निजी एंबुलेंस के हैं या फिर सरकारी एंबुलेंस के हैं। फिलहाल इन पर कोई कार्रवाई तो नहीं हुई है, लेकिन ये रडार पर हैं। प्राचार्य ने इन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि गुप्त सूत्रों से पता चला है कि मेडिकल आए मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में ले जाया जाता है और इसके लिए निजी एंबुलेंस चालकों से साठगांठ की हुई है। सूचना है कि इनमें आप लोगों की भूमिका है। उन्होंंने कहा कि चूंकि अभी पुख्ता सुबूत नहीं है कि आप लोग इसमें पूरी तरह से जुड़े हुए हैं या नहीं। लिहाजा अभी के लिए चेतावनी दी जा रही है। जांच में अगर आरोप सही पाए गए तो न सिर्फ सेवा से निष्कासन किया जाएगा, बल्कि कड़ी विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद से मेडिकल के इन कर्मचारियों में खलबली मची है।
मेडिकल कॉलेज के अलावा ऐसे लोगों की तलाश में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगी हुई है। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन को भी इस तरह की सूचनाएं मिली हैं। वे भी पड़ताल करा रहे हैं। हालांकि पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं, मगर कभी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब मेडिकल कर्मचारियों को तलब कर उन्हें चेतावनी दी गई हो और जांच कराई जा रही हो।
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आरोप सही पाए गए तो किया जाएगा निष्कासन
मामला संज्ञान में आया है। जिन पर आरोप है, उन कर्मचारियों को तलब किया गया था। फिलहाल उन्हें चेतावनी दी गई है। जांच में अगर आरोप सही पाए गए तो उन्हें निष्कासित किया जाएगा। एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

मेडिकल में हर साल आते हैं सात लाख से ज्यादा मरीज
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मेरठ के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी मरीज आते हैं। बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद से भी काफी मरीज आते हैं। मरीजों की तादाद हर साल सात लाख के पार पहुंच जाती है। इनमें से 50 हजार से ज्यादा मरीज ऐसे रहते हैं, जिनके छोटे-बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं।

मरीजों को ऐसे बहकाते हैं
मेडिकल के सूत्रों के मुताबिक, जब कोई मरीज इमरजेंसी आता है या वार्ड में भर्ती होता है तो उसे बहलाया जाता है। कहा जाता है कि यहां बेहतर इलाज नहीं मिलेगा। निजी अस्पताल में जानने वाले हैं, सस्ता और बेहतर उपचार मिल जाएगा। इस तरह जो बहकावे में आ जाता है उसे निजी अस्पताल ले जाया जाता है।
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