मेरठ। अपंजीकृत डॉक्टरों से वसूली के आरोप में डिप्टी सीएमओ महेश चंद्रा और क्लर्क अमन की मौजूदगी में ड्राइवर गुलजार का रिश्वत लेते हुए वीडियो क्लिप 24 अप्रैल को वायरल हुआ था। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने इस मामले में डीएम से शिकायत की थी। नीमा के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र ने पदाधिकारियों के साथ मिलकर डीएम से जांच की मांग की थी। डीएम ने सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। इसमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल कुमार शामिल रहे। बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट सीएमओ अशोक कटारिया को सौंपी गई। सीएमओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिली है। इसमें पाया गया कि यह रिश्वत लेने का मामला नहीं था। सभी के बयान दर्ज हुए हैं। जो पैसे देते हुए दिख रहा था, उसने 1500 रुपये दांत बनवाने के लिए दिए थे। जो पटल परिवर्तन की बात थी, वह जांच में नहीं पाई गई। संवाद