कैराना (शामली)। अमावस्या पर यमुना नदी में स्नान करते समय डूबे दो सगे भाई व उनके पारिवारिक मामा में से गोताखोरों ने दो युवकों के शवों को मामौर के पास यमुना से बाहर निकाल लिया। जबकि तीसरे युवक का पता नहीं चल सका है।
रविवार को अमावस्या पर गांव रिसालू थाना चांदनी बाग पानीपत निवासी 25 वर्षीय महेश व 20 वर्षीय उसका भाई बोधू उर्फ जितेन्द्र तथा पारिवारिक मामा लोकेश यमुना में नहाते समय डूब गए थे। गोताखोरों के साथ ही पीएसी की टीम ने मोटर बोट के सहारे तीनों युवकों की तलाश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर रात में बचाव कार्य बंद कर दिया था। सोमवार सुबह छह बजे से गोताखोरों ने फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सुबह करीब नौ बजे यमुना पुल से करीब एक किलोमीटर आगे मामौर के पास महेश व लोकेश के शव बरामद हुए। जबकि बोधू उर्फ जितेन्द्र का सोमवार देर शाम तक भी पता नही चल सका। सीओ अमरदीप मौर्य ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
सगी बहनों से हुई थी दोनों भाइयों की शादी
महेश के परिजनों ने बताया कि महेश व उसके भाई बोधू उर्फ जितेन्द्र की शादी एक ही दिन दो सगी बहनों के साथ हुई थी। महेश की पत्नी गर्भवती है जबकि बोधू की पत्नी के कोई बच्चा नही है। लोकेश के दो बेटी व एक बेटा है। महेश व बोधू उर्फ जितेन्द्र तीन भाई थे। दो की मौत हो गई। महेश के पिता मन्ना राम की 2014 में कैंसर से मौत हो गई थी।