मेरठ। आरुणया फाउंडेशन ने रविवार को आईएमए हॉल में उद्गम- एक नई शुरुआत कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का लक्ष्य नवजात शिशुओं की आंखों की समय पर जांच सुनिश्चित कर अंधेपन को रोकना है। कार्यक्रम में नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक ने संदेश दिया कि अंधापन केवल दृष्टि नहीं, जीवन की रोशनी छीन लेता है। समय पर जांच और जागरूकता इसे रोक सकती है। मुख्य अतिथि डॉ. विभोर जैन और डॉ. सुमित ग्रोवर ने कहा कि शुरुआती जांच से शिशुओं को अंधेपन से बचाया जा सकता है। फाउंडेशन की संचालक डॉ. कीर्ति जैन ने बताया कि यह प्रोजेक्ट समाज में उम्मीद जगाने की पहल है। आयोजन में चिकित्सक, व्यापारी, समाजसेवी और अभिभावक शामिल हुए। संवाद