मेरठ। भाजपा में महापौर नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों के प्रत्याशियों पर बृहस्पतिवार को चुनाव प्रभारी कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और विधायक पंकज सिंह ने स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ घंटों मंथन किया। दोनों पदाधिकारियों ने सांसद विधायक और सभी एमएलसी को अकेले बुलाकर उनकी राय जानी। जनप्रतिनिधियों से बात करने के बाद दोनों चुनाव प्रभारी ने कोर कमेटी के साथ बैठक करते हुए कहा कि हमने आप सभी की राय जान ली है। माना जा रहा है कि भाजपा 20 अप्रैल के बाद अपने प्रत्याशी घोषित करेगी।
बागपत रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर दिनभर सुबह से ही पार्षदों के टिकट के तीन-तीन नाम फाइनल करने को लेकर अंतिम बैठक हुई। सारे नाम फाइनल होने के बाद शाम को चुनाव प्रभारी कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और विधायक पंकज सिंह के सामने हर वार्ड से तीन-तीन पार्षदों के प्रत्याशियों की लिस्ट उनको सौंपी गई। काफी देर के मंथन के बाद लिस्ट फाइनल करके पीले लिफाफों में सील बंद करके उनको दे दी गई। अब यह लिस्ट लखनऊ प्रदेश अध्यक्ष के सामने जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय इसकी घोषणा करेगा।
महापौर पद को लेकर आज भी खुले मंच से कोई चर्चा नहीं हो पाई। महापौर की तरह दो नगर पालिका और 13 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को लेकर भी यही मंथन हुआ। इनकी लिस्ट भी दोनों पदाधिकारी साथ ले गए हैं, प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा करने के बाद सारी सूची घोषित होगी। नगर पालिका और नगर पंचायतों में वार्ड पार्षद के प्रत्याशियों के तीन-तीन नाम भी फाइनल करके सील बंद लिफाफे में दोनों चुनाव प्रभारी को सौंप दिए गए, इनकी सूची पर भी लखनऊ से मुहर लगेगी।
सीमा प्रधान के प्रत्याशी बनने के बाद बदल सकती है सोच
सपा से विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान के प्रत्याशी बनाए जाने के बाद भाजपा अपनी पहले की सोच में बदलाव कर सकती है। खतौली विधानसभा उप चुनाव में भी भाजपा ने सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी को बेहद हल्के में लिया था, ऐसे में इस बार भी चूक हुई तो भाजपा को एक बार फिर से 2017 की तरह महापौर पद खोना पड़ेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि लखनऊ हाईकमान अपने स्तर से भी निर्णय ले सकते हैं। इसमें क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया और भाजपा के पुराने संगठन में पदाधिकारी रहे नेताओं के साथ भी चर्चा की जा रही है। महापौर का चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए बेहद अहम है, ऐसे में अगर भाजपा ने यह सीट गंवाई तो स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों की राय पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। पार्टी इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पूरा मंथन कर रही है।
20 अप्रैल के बाद ही घोषित हो सकते हैं प्रत्याशियों के नाम
पार्टी के नेताओं के मुताबिक भाजपा 20 अप्रैल के बाद महापौर, नगर पालिका-नगर पंचायत अध्यक्ष और सभी वार्डों के प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि तब तक सारी पार्टियों के प्रत्याशी लगभग घोषित हो जाएंगे, हाईकमान दूसरी पार्टियों के प्रत्याशियों पर भी नजर लगाए हुए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी वेस्ट यूपी की नब्ज से अच्छी तरह वाकिफ हैं, वे यहां क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, ऐसे में जातीय समीकरणों को समझते हुए काम कर रहे हैं।