सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर माहौल भक्तिमय होने लगा है। पटरी से दूसरे राज्यों के शिवभक्तों के गुजरने का सिलसिला शुरू हो गया है। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को तपती गर्मी में कांवड़ मार्ग से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कांवड़ियों के कई जत्थे गुजरे। शिवभक्त भगवान आशुतोष के जयकारे लगाते हुए गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए।
दूसरे राज्यों के शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। समय के साथ-साथ कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर भोलों की संख्या बढ़ने से केसरिया रंग दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह से पटरी पर इक्का-दुक्का कांवड़िया गुजर रहे थे। रविवार को कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। सुबह के समय राजस्थान के अलवर, जोधपुर, जयपुर आदि जिला निवासी कांवड़िया काफी संख्या में पटरी से गुजरे। कांवड़िया बम-बम भोले के जयकारे लगाते चल रहे थे।
दोपहर बाद भीषण गर्मी के बावजूद पटरी पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ती रही। गर्मी के चलते भोलों ने दिन में शिविर में आराम किया। जत्थे में शामिल शिवभक्त ईश्वर, हरिभोज, मुकेशपाल, राम मेहर सिंह आदि ने बताया कि वह पिछले नौ वर्षों से कांवड़ ला रहे हैं। कोरोना काल में दो साल कांवड़ यात्रा नहीं हो सकी।
मां के साथ छोटे शिवभक्त ला रहे कांवड़
अलवर निवासी महिला शिवभक्त योगेंद्री अपने दो बच्चों सात वर्षीय शिवम व पांच वर्षीय नंदिनी के साथ भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कांवड़ ला रही हैं। 12 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि भगवान का गुणगान करते हुए लंबी यात्रा में कोई कष्ट नहीं होता।
आज से शुरू होंगे कांवड़ शिविर
सोमवार से सावन माह प्रारंभ होने जा रहा है। कांवड़ मार्ग पर यात्रा को लेकर सेवादारों ने शिविरों स्थापित कर लिए हैं। सावन के पहले सोमवार को हवन-पूजा के साथ शिविरों का संचालन शुरू हो जाएगा। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर प्रशासन की अनुमति के अनुसार करीब 40 शिविर संचालित होंगे। एसडीएम महश प्रसाद दीक्षित और सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।