नाथाडोई गांव में दलित समाज की महिलाओं को समझाती एसडीएम रितू रानी। स्त्रोत राजस्व विभाग
बिजनौर, शेरकोट। नाथडोई में सोमवार को उस समय ग्रामीणों में असंतोष पैदा हो गया। जब गांव के दलित समाज के लोगों ने पंचायत की ओर से कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने के लिए प्रस्तावित ग्राम समाज की जमीन पर बाबा साहेब का नीला झंडा लगाकर उनका फोटो को लगा दिया। सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंच स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में झंडा और डाॅ. आंबेडकर का फोटो हटवा दिया।
ग्राम प्रधान पवन कुमार समेत ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पंचायत की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए आरसीसी सेंटर का निर्माण होना है। पंचायत की ओर से ग्राम समाज की जमीन पर आरसीसी सेंटर बनवाने के लिए प्रस्ताव पास किया गया था। आरोप है कि जैसे ही गांव के दलित समाज के लोगों को इसका पता लगा तो उन्होंने विरोध कर रोकने का प्रयास किया।
आरोप है कि रविवार रात दलित समाज के लोगों ने देर रात बैठक की और दिन निकलने के बाद कूड़ाघर के प्रस्तावित ग्राम समाज की जमीन पर बाबा साहेब का नीला झंडा और उनका फोटो लगा दिया। सोमवार को जैसे ही अन्य ग्रामीणों को घटना का पता लगा तो उनमें आक्रोश पैदा हो गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना एएसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल, एसडीएम रितु रानी और सीओ अफजलगढ़ अंजनि कुमार को दी। राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इस मौके पर दलित समाज के लोगों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। इस दौरान दलित समाज के लोगों ने झंडा और फोटो हटाने से इंकार कर दिया। बाद में सख्त रवैया अपनाते हुए ग्राम समाज की जमीन से झंडा और फोटो दोनों को हटवा दिया।
- गांव के तनाव पूर्ण शांति, पुलिस तैनात
प्रशासन की ओर से झंडा और फोटो हटवाने के बाद दलित समाज के लोगों में आक्रोश है। एसडीएम रितु रानी का कहना है कि गांव में शांतिव्यवस्था को कायम रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है। शांति भंग करने वालों का प्रशासन की ओर से वीडियो बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों को ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।