मेरठ। सकल जैन समाज की ओर से आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में भक्तामर विधान का आयोजन किया गया। नेहा जैन और गौरव जैन परिवार को पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाज के मंत्री नवीन जैन ने बताया कि सातवीं शताब्दी में आचार्य मानतुंग मुनि ने राजा भोज द्वारा जेल में बंद किए जाने पर 48 श्लोकों की रचना की थी। संध्या में जैन मंदिर में श्री आदिनाथ भगवान की प्रतिमा के सम्मुख भक्तामर महाअर्चना की गई। अध्यक्ष हेमंत जैन ने संस्कृत भाषा के 48 श्लोकों का उच्चारण किया। संवाद