मेरठ। अच्छे करियर की उम्मीद में किसी भी विश्वविद्यालय पर भरोसा करके प्रवेश लेना छात्रों को भारी पड़ सकता है। लाखों खर्च करने के बाद मिली इस डिग्री की न तो मान्यता मिलेगी और न ही रोजगार के लिए वैधता। यूजीसी ने प्रवेश से पहले छात्र और परिजनों से संबंधित विश्वविद्यालय एवं संस्थान का सच पता करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी के अनुसार डिग्री केवल वही विश्वविद्यालय एवं संस्थान दे सकते हैं, जो किसी राज्य, केंद्रीय या प्रांतीय अधिनियम से स्थापित हैं अथवा यूजीसी अधिनियम 1956 के अनुसार डिग्री देने के लिए अधिकृत हैं। यदि कोई विश्वविद्यालय या संस्थान इसके उलट डिग्री दे रहे हैं तो यह डिग्री वैध नहीं होगी। यूजीसी के अनुसार छात्र प्रवेश से पहले फर्जी संस्थानों की सूची www.uge.ac. in से देख सकते हैं। यदि कोई उक्त नियमों के उलट कोई शैक्षणिक कार्यक्रम पेश कर रही है तो इसकी सूचना ugcampc gmail, com पर ईमेल से भेजी जा सकती है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फेडरेशन ने बीसीअई से लॉ कॉलेजों को समय से सत्र 2025-26 के लिए मान्यता पत्र जारी करने की मांग की है। संवाद