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Meerut News: रहें सावधान... मच्छरों का वार कर रहा बीमार

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मेरठ। डेंगू का प्रकोप जारी है। प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। बुखार से लोग तप रहे हैं। बुखार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस साल डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 900 छूने वाला है, अब तक 879 मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले पिछले नौ सालों में सिर्फ 2021 में इस साल से ज्यादा मरीज मिले थे। इस दौरान डेंगू के लिहाज से यह दूसरी बड़ी संख्या है।
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डेंगू की रोकथाम और मच्छरों पर अंकुश लगाने लिए मलेरिया विभाग नाकाम साबित हुआ है। विभाग के पास न स्टाफ पूरा है और न ही गाड़ियां। करीब 10 साल से कीट संग्रहकर्ता के 2 पद खाली चल रहे हैं। 80 के दशक तक यहां छिड़काव करने वालों की संख्या 64 थी मगर अब 14 रह गई है।


मादा मच्छर दिन में 70-80 लोगों को बना सकती है निशाना
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि अलग-अलग इलाकों में मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियां हैं। ये कई तरह के वायरस और पैरासाइट के जरिए विभिन्न बीमारियां फैलाते हैं। मच्छर बहुत तेजी से बढ़ते और काटते हैं। इसलिए ये मच्छर खतरनाक हैं। मादा मच्छर की उम्र नर के मुकाबले ज्यादा होती है। मादा एडीज एक बार में 50 से 100 अंडे देती है। यह एक दिन में 70 से 80 लोगों को काट सकती है। मच्छरों की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मच्छर जनित बीमारियों का हाल
साल 2016 2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023
डेंगू 195 660 202 215 035 1668 348 879


मच्छरों से बचाव के लिए यह करें
- पूरी बाजू वाली कमीज और पेंट पहनें
- घर और ऑफिस के आसपास पानी न भरा रहने दें
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- डस्टबिन को नियमित रूप से ढक कर रखें और साफ करते रहें।

कपसाड़ में बुखार से महिला की मौत
सरधना। गांव कपसाड़ गांव में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को अंजू (31) पत्नी चिंटू की मौत हो गई। अंजू को एक सप्ताह से बुखार था। पहले कई दिनों तक गांव में ही निजी चिकित्सक द्वारा उपचार कराया गया। हालत बिगड़ने पर परिजन सरधना के एक निजी अस्पताल में ले गए। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक 30 से अधिक ग्रामीणों की बुखार से मौत हो चुकी है।
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