भूगर्भ के गिरते जल स्तर को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी भले ही गंभीर न हो लेकिन धार्मिक संस्थाएं तेजी से कार्य कर रही हैं। काली पलटन स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। इसमें बारिश के पानी के साथ मंदिर की धुलाई में इस्तेमाल किए जाने वाला पानी पहुंच रहा है। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के महामंत्री सतीश सिंहल ने बताया कि 12 साल पहले मंदिर परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया गया था। इसका मंदिर कमेटी लगातार रखरखाव कर रही है। मंदिर परिसर में बने सभी भवन और परिसर का समस्त पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग में डाला जा रहा है। जो सीधे सीधे भूगर्भ जल में पहुंचता है। महानगर के सभी परिवारों को पानी के दोहन को कम करने, पानी बचाने और बारिश के पानी को भूगर्भ तक पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए।