जेहादी वीडियो भेजकर उकसाते थे
एटीएस के मुताबिक, नदीम और हबीबुल सैफुल्ला द्वारा वर्चुअल आईडी पर बनाए गए ग्रुपों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी जेहादी वीडियो अपलोड करते थे। इसके साथ ही फिदायीन हमले के तौर-तरीकों को भी सिखाया जाता था। जेहादी वीडियो भेजकर युवाओं जेहाद के लिए प्रेरित किया जाता था। जैश-ए-मुहम्मद संगठन के आतंकी नदीम और हबीबुल को युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए कहते थे। इसके बाद उनको पाकिस्तान में बुलाकर विशेष ट्रेनिंग देने के लिए भी कहा जाता था।
अब एटीएस की रडार पर कई
नदीम और हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला की गिरफ्तारी के बाद कई संदिग्ध एटीएस और पुलिस की रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के मुुताबिक, जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े कई संदिग्ध प्रदेश में सक्रिय हैं। हबीबुल और नदीम से हुई पूछताछ में एटीएस को यह जानकारी मिली है। संदिग्धों की गिरफ्तारी को एटीएस जुटी है।
आतंकी हबीबुल के पास मिला चाकू और अन्य सामान
- फोटो : सोशल मीडिया
स्वतंत्रता दिवस पर करना था हमला
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, नदीम और हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला फिदायीन हमला करना चाहते थे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों ने नदीम को जहां नुपुर शर्मा की हत्या करने का टॉस्क दिया था, वहीं, हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को स्वतंत्रता दिवस पर फिदायीन हमला करने के लिए भी कहा था। सरकारी भवन और पुलिस मुख्यालय इनके निशाने पर थे। एटीएस ने समय रहते कार्रवाई कर आतंकियों की साजिश को नाकाम किया है।
डेरा डाले हुए है एटीएस, खंगाल रही संदिग्धों की कुंडली
नदीम के सहारनपुर पकड़े जाने बाद से एटीएस जनपद में डेरा डाले हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि, एटीएस देवबंद में भी गोपनीय तरीके जांच कर रही हैं। इसके अलावा पूरे जनपद नजर बनाए हुए हैं। क्योंकि, नदीम के कई अन्य साथियों के होने भी जानकारी मिली है। फोन पर जिन लोगों से नदीम बात करता था, उनकी कुंडली भी एटीएस खंगालने में लगी है।