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Meerut News: गर्मी बढ़ने के साथ कुत्ते हुए खूंखार, अस्पतालों में बढ़े मरीज

Thu, 16 May 2024 03:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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शामली/थानाभवन/ जलालाबाद/ झिंझाना/ कैराना/ बाबरी/ चौसाना। गर्मी शुरू होते ही कुत्ते भी हिंसक हो गए हैं। जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में कुत्ते काटने से घायल मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। जिले में रोजाना 350 के लगभग कुत्ते काटने से पीड़ित पहुंच रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही कुत्ते भी खूंखार हो रहे हैं। गली मोहल्लों व सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्ते आते-जाते लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। गर्मी में कुत्ते काटने से घायल मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 30 लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएचसी शामली में भी रोजाना 35 से 40 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लग रहे हैं। इसी तरह अन्य सरकारी अस्पतालों में भी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज रोजाना पहुंचते है। इस तरह से जिले में रोजाना करीब 350 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
गर्मी से पहले यह संख्या कम थी। मार्च तक जिले में रोजाना लगभग 250 के आसपास मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लग रहे थे। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं। एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि अगर किसी को कुत्ता या अन्य कोई जानवर काट लेता है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उसका उपचार कराना चाहिए।
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थानाभवन सीएचसी पर एंटी रेबीज लगाए जाने के मंगलवार व शुक्रवार दो दिन निर्धारित हैं, लेकिन इसके बाद भी अगर मरीज किसी भी दिन पहुंचता है तो उनको एंटी रेबीज लगाया जा रहा है। एक सप्ताह में नए व पुराने 320 से 350 मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लग रही है।
जलालाबाद कस्बे में बुधवार सुबह 14 वर्षीय तालिब निवासी मोहल्ला नानू को बाजार में आवारा कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया। तालिब का पीएचसी पर उपचार कराया गया। कस्बे में कुत्तों के हमले में घायल होते रहते हैं। कस्बे में जगह-जगह आवारा कुत्तों के झुंड बैठे रहते हैं।
झिंझाना सीएचसी पर कुत्तों के काटने से घायल औसतन 15 मरीज रोजाना एंटी रेबीज़ लगवाने आ रहे हैं। अप्रैल में 460 लोगों को एंटी रेबीज लगाई गई। इस माह में अब तक 180 लोगों ने कुत्ते काटे के एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं हैं। गांव खानपुर कलां निवासी वर्षा एंटी रेबीज लगवाने आई। उसने बताया 15 दिन पूर्व गांव में ही कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था। ऊन सीएचसी पर औसतन 16 मरीज प्रतिदिन एंटी रेबीज़ लगवाने आ रहे हैं। अप्रैल में सीएचसी पर 480 लोगों को एंटी रेबीज लगाई।

कैराना सीएचसी के फार्मासिस्ट मोहम्मद अली ने बताया कि बुधवार को 42 मरीजों को एंटी रेबीज लगाए गए, जिनमें से 31 मरीज ऐसे हैं जिनको पहले भी वैक्सीन लग चुकी है। 11 नए मरीजों को एंटी रैबीज लगाई गई। एक माह में करीब 500 एंटी रैबीज लगाई जाती है।
कांधला सीएचसी पर सोमवार व बृहस्पतिवार दो दिन निर्धारित किए गए हैं, लेकिन उसके बाद भी अगर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं तो विभाग के द्वारा उनको एंट्री रेबीज लगाई जाती है। एक दिन में 12 मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। बाबरी में भी दो दिन एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।

कुत्ता काटने के बाद ये बरतें सावधानी

- जख्म को 10 से 15 मिनट तक एंटीसेप्टिक सोप व साफ पानी से धोएं।
- जख्म पर पानी लगाने से न डरें।

- घाव को साफ करने के बाद उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं।

- कुत्ता काटने के बाद तुरंत डॉक्टर की सलाह से एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
झोलाछाप या झाड़फूंक से बचें
कुत्ता काटने या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद किसी की बातों में न आएं। अक्सर देखा जाता है खासतौर से देहात क्षेत्र में कुत्ता काटने के बाद लोग घाव पर नमक, मिर्च, नींबू या हल्दी लगा देते हैं। इससे उन्हें लगता है कि इससे बैक्टीरिया मर जाएंगे, लेकिन यह गलत है। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ा सकता है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया अगर कुत्ता काट लेता है तो सरकारी अस्पताल या किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज शुरू कराना चाहिए। किसी झोलाछाप के या झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें। यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए कुत्ता काटने के बाद एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में देरी न करें।
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