मेरठ। आवाम के फैसले के बाद कोई दूसरी नियुक्ति गैर शरई होती है। यह कहना है मौलाना खुर्शीद अहमद कासमी का। शाही जामा मस्जिद बुधवार को उलमा इकराम द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता उन्होंने की। जमीयत उलेमा मेरठ के अध्यक्ष कारी अनवार ने कहा कि काजी डॉ. जैनुस सालिकीन का काजी के पद पर फैसला सभी उलमा इकराम व मेरठ की आवाम ने मिलकर किया है, जिसका वह समर्थन करते हैं। डॉ. यूसुफ कुरैशी ने कहा कि काजी का मनोनयन, काजी अधिनियम 1880 के अनुसार, आवाम की तादाद पर निर्भर करता हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने जामा मस्जिद और उसके बाहर हाथ उठाकर ताईद की थी, जिसमें किसी तरमीम की जरूरत नहीं है। ब्यूरो