बिजनौर। जिले में लगातार दवाइयों के नमूने जांच में फेल और नकली मिल रहे हैं। अब एक और एंटीबायोटिक दवा में मानक के अनुरूप दवाई नहीं मिली। जिससे दवा बीमारी में बेअसर रहेेगी। एंटीबायोटिक सीरप वेलसेफ-एलबी में मानक के कम सेफिक्सिम की मात्रा मिली। जिसकी वजह से नमूना जांच में फेल आया।
वेलसेफ-एलबी सीरप एक एंटीबायोटिक दवा है। जो पेट के इंफेक्शन में काम आती है। इस दवा में सेफिक्सिम और लैक्टिक एसिड बेसिलस का मिश्रण है। औषधि निरीक्षक ने सीरप का नमूना फरवरी 2024 में नहटौर के मोहल्ला तकिया गढ़ी से आदेश कुमार के मेडिकल स्टोर से लिया था। यह दवा एमेंटिस बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, सिडकुल हरिद्वार कंपनी ने बनाई। जबकि दवाई वेलनेक्स लाइफ साइंस फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बेची गई। पर्याप्त साल्ट नहीं होने पर बीमारी में यह दवा कम असरदार होगी। इससे पहले जनवरी से अब तक करीब छह नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह दवाइयों के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।
- इस साल कई दवाइयों के नमूने जांच में मिले फेल और नकली
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार फरवरी में एंटीबायोटिक कैल्वाशड टेबलेट का नमूना जांच में नकली पाया गया। इसमें अमोक्सीसिलिन और पौटेशियम क्लैवुलैनेट का मिश्रण था। मार्च में रैबकस डीएसआर कैप्सूल और स्कोरैब-डीएसआर कैप्सूल का नमूना जांच में फेल आया है।
- साल 2023 में जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरीं दवाइयां
औषधि विभाग के अनुसार साल 2023 में भी काफी दवाइयां जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी। पिछले साल करीब 35 दवाइयों के नमूने जांच में फेल और नकली पाए गए हैं। इस साल भी जनवरी से ही दवाइयों के नकली और फेल आ रहे हैं।
- निरीक्षण में अस्तित्व में नहीं मिलीं तीन दवा कंपनियां
औषधि निरीक्षक ने बताया कि कई दवाइयों के नमूने जांच में फेल और नकली आने पर उन कंपनियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मैसर्स डॉक्टर जी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड सिडकुल हरिद्वार, मैसर्स मैक्सवेल फार्माल्युशन प्राइवेट लिमिटेड सेलापुरी देहरादून, मैसर्स मैडोकॉल फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड पुहाना इकबालपुर हरिद्वार कंपनी अस्तित्व में नहीं मिलीं।
- वर्जन:
जांच में एंटीबायोटिक दवा वेलसेफ-एलबी सीरप का नमूना फेल आया है। अब कंपनी को इस संबंध में नाेटिस भेजा जाएगा। साथ ही वाद दायर करने की भी तैयारी चल रही है। इससे पहले भी कई दवाइयां जांच में फेल और नकली मिल चुकीं हैं। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर