टेंपो चालक ने बताया कि पांच दिन पहले वह अपने परिवार के साथ टेंपो गंगा स्नान करने के गया था। वापस लौटते समय टेंपो का एक्सीडेंट हो गया। उसके अगले दिन उसके मोबाइल पर फोन आया।
फोन करने वाले ने खुद को पंजाब पुलिस का बताकर उसे बेगमपुल पर बुलाया। उसके मना करने पर पंजाब पुलिस उसके घर पहुंच गई और वह पंजाब से भागे खालिस्तानी अमृतपाल सिंह के बारे में पूछते रहे।
टेंपो चालक अजय का कहना है कि मुझे कुछ याद नहीं है, जबकि पंजाब पुलिस दावा करती रही कि अमृतपाल मेरे ही टेंपो में बैठकर गया है। फिलहाल टीम मेरठ में डेरा डाले हुए है।