मेरठ। उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2024 विधानसभा में पेश कर दिया गया है। इसके अंतर्गत बहलाफुसलाकर शादी करने, नाबालिग, एससी-एसटी का धर्मपरिवर्तन करने पर दोषी को उम्रकैद का सजा सुनाई जाएगी और पांच लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। धर्मपरिवर्तन कराने के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए संशोधित किए गए इस विधेयक का अधिकांश लोगों व भाजपाइयों ने स्वागत किया है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
धर्म और पहचान छिपाकर लड़कियों को जाल में फंसाकर धर्मपरिवर्तन, दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाएं सामने आईं हैं। सख्त कानून बनाने पर हम योगी सरकार का धन्यवाद करते हैं। जो लोग इस अपराध की साजिश में शामिल होते हैं, उन सभी को भी उम्रकैद होनी चाहिए।
कमल दत्त शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता
कुछ संगठित गिरोह हमारे देश में नाम और पहचान छिपाकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उत्पीड़न करते है। ऐसे अपराधियों को विदेशी फंडिंग के भी मामले सामने आते हैं। कानून को सख्त बनाना स्वागत योग्य है। कानून सख्त होने पर जबरन धर्मांतरण के मामलों पर रोक लगेगी।
सचिन सिरोही, भाजपा नेता
अवैध धर्मांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि को बढ़ाया है। जिसमें उम्रकैद तक की सजा रखी गई है। इस सख्त कानून बनाने का मैं स्वागत करता हूं।
अंकित चौधरी, सदस्य
पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी, भाजपा
अगर कोई किसी गैर मुस्लिम से शादी करता है तो उसे कानून के दायरे में ही रहकर करनी चाहिए।
- जैनुस साजिदीन, शहर काजी
इस बिल का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इसमें उम्रकैद की सजा भी मुनासिब नहीं लगती।
- जैनुर राशिदीन, नायब