हस्तिनापुर (मेरठ)। महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी से देश के किसानों को गो आधारित खेती से जोड़ने के ऐतिहासिक प्रयास की शुरुआत होने वाली है। जिसके सारथी बनेंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन राव भागवत, जो 19 मार्च को ऐतिहासिक नगरी में पहुंचेंगे और किसानों को गो आधारित एवं जैविक कृषि के संबंध में संबोधित करेंगे। इससे किसानों को रसायन युक्त खेती से न सिर्फ छुटकारा मिलेगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ जाएगी।
महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी वैसे तो अपने आप में विश्वविख्यात है, जहां पर कई बड़े कीर्तिमान लिखे गए जो आज भी पुराणों और ग्रंथों में पढ़े जाते हैं। अब भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में एक और इतिहास ऐतिहासिक नगरी से जुड़ने वाला है, जिसके लिए तैयारियां चल रही हैं। इसके साथ ही हस्तिनापुर से गो आधारित खेती की नई क्रांति शुरू होने जा रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में 17 से 19 मार्च तक हस्तिनापुर में अखिल भारतीय महासम्मेलन होगा। कृषि में अंधाधुंध हो रहे रसायनों के प्रयोग से देश में फैल रही नई-नई लाइलाज बीमारियों से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से आरएसएस के भारतीय किसान संघ ने व्यापक स्तर पर जागरूकता के लिए अभियान छेड़ने की तैयारी की है। जिसकी शुरुआत पांडवों की वैभवशाली राजधानी हस्तिनापुर से की जा रही है।
प्रदर्शनी में गोवंश का बताया जाएगा महत्व
कृषक संगम में कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भारतीय नस्ल की गायों की उपयोगिता बताई जाएगी। इसके साथ ही कृषि के महासम्मेलन में गाय की नस्लों और पहचान से भी रूबरू कराया जाएगा।
पदाधिकारियों ने हस्तिनापुर में डाला डेरा
हस्तिनापुर में होने वाले कृषि संगम कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने हस्तिनापुर और मेरठ में डेरा डाल लिया है। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त मोहन भागवत के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी अपनी तैयारियां पुख्ता कर रही हैं।