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Meerut News: फिर शासन की चिट्ठी की भेंट चढ़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट

Fri, 23 Jun 2023 01:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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मेरठ। सात साल पहले शहर को कूड़े से मुक्ति दिलाने के लिए बनी कूड़ा निस्तारण प्लांट चलाने की योजना एक बार फिर शासन की चिट्ठी की भेंट चढ़ गई। बृहस्पतिवार को प्लांट चलाने को लेकर आर्गेनिक रिसाइकिलिंग कंपनी और निगम अधिकारियों के बीच तीन घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। बैठक में कंपनी के एमडी डॉ. अशोक कपूर 9 जून 2023 को स्वच्छ भारत मिशन की राज्य निदेशक नेहा शर्मा के पत्र का हवाला देकर प्लांट चलाने की अनुमति मांगते रहे, लेकिन निगम के अधिकारी शासन से एक पत्र आने की बात पर अड़े रहे।
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गांवड़ी में वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना स्थापना (कूड़ा निस्तारण प्लांट) के लिए आर्गेनिक रिसाइकिंलिग कंपनी और नगर निगम के बीच 2017 में 25 साल का अनुबंध हुआ था। तब से परियोजना परवान नहीं चढ़ सकी। नए महापौर के प्रयासों से शासन स्तर से प्लांट चलाने की अनुमति 9 जून को मिल गई। लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी प्लांट शुरू नहीं हो सका। इस बीच प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात के सामने महापौर ने कूडा निस्तारण प्लांट का मामला उठाते हुए अफसरों पर चिट्ठी के खेल में फंसाने का आरोप लगाया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को एक बार फिर आर्गेनिक कंपनी के एमडी डॉ. अशोक कपूर, हरीश रघुवंशी और अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह, एफसी जितेंद्र प्रताप यादव के बीच 3 घंटे बैठक चली। यह बैठक अपर नगर आयुक्त के कार्यालय में रखी गई। लेकिन फिर समाधान नहीं निकाला।
निगम अधिकारियों ने कंपनी के एमडी को बताया कि उन्होंने कुछ बिंदु लगाकर इस परियोजना को चलाने के संबंध में शासन से सुझाव मांगा था। शासन से रिपोर्ट आने के बाद परियोजना चलाने की अनुमति निगम दे देगा और कंपनी को हाईकोर्ट से केस वापस लेना होगा। कंपनी एमडी का कहना था कि जब स्वच्छ भारत मिशन राज्य निदेशालय का पत्र आ चुका है तो अब किसकी अनुमति मांग रहे हो। जिस पर निगम के अधिकारियों ने तर्क दिया कि राज्य निदेशक के पत्र आने से एक दिन पहले निगम द्वारा शासन से सुझाव के लिए पत्र भेज दिया था। इसका अभी जवाब नहीं आया।
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बेवजह अडंगा लगा रहा निगम
शासन ने पीपीपी मॉडल पर वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना चलाने के निर्देश दिए हैं। शासन के इस निर्देश से पहले आर्गेनिक कंपनी का निगम से अनुबंध है। नगर निगम के अधिकारी कहते है कि आर्गेनिक कंपनी वैज्ञानिक पद्धति पर परियोजना चलाने की बात कहते हैं, लेकिन पीपीपी मॉडल की नहीं। महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना कि कंपनी के एमडी मेरे पास भी आए थे। आर्गेनिक कंपनी की परियोजना चलाई जाएगी। राज्य निर्देशालय से पत्र आ चुका है। निगम के अधिकारी बेवजह अड़ंगा लगा रहे है। जल्द ही परियोजना चलाने के लिए कंपनी और निगम के अधिकारियों को कह दिया है।

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आर्गेनिक कंपनी और निगम के अधिकारियों के बीच वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना को लेकर बैठक हुई थी। जिसमें हाईकोर्ट में केस सहित कई विषय पर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि शासन से रिपोर्ट आने के बाद परियोजना की अनुमति के लिए निगम सहमति जताएगा। जिस पर कंपनी के अधिकारी भी सहमत हो गए।
डॉ. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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नौ जून 2023 का स्वच्छ भारत मिशन राज्य निदेशक का पत्र में आर्गेनिक कंपनी को वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना निगम के साथ समंवय बनाकर चलाने की बात कहीं थी। नगर निगम के अधिकारियों ने बैठक में कहा कि शासन से एक और पत्र आना है। जिसके बाद परियोजना की अनुमति दी जाएगी।
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डॉ. अशोक कपूर, एमडी आर्गेनिक रिसाइकिलिंग लिमिटेड कंपनी
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