प्रह्लाद नगर मामला : हरकत में आया प्रशासन, परिषदीय स्कूलों की हालत सुधरेगी
मेरठ। उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रह्लाद नगर के सात कमरों में 1119 छात्राओं के पढ़ने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब कार्ययोजना बनाकर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले नगरीय क्षेत्र के 164 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए डीएम दीपक मीणा और सीडीओ शशांक चौधरी ने नगरायुक्त डा. अमित पाल शर्मा से बात भी की है। साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रह्लाद नगर की स्थिति सुधारने के लिए भी प्रशासन ने फाइल आगे बढ़ा दी है।
सात कमरों के उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रहलाद नगर में छात्राओं की संख्या अधिक होने से उन्हें यहां पढ़ने के लिए भी हफ्ते में तीन दिन की वेटिंग दी जा रही है। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। नगर निगम के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परिषदीय विद्यालयों की दुर्गति होने के कारण ही ऑपरेशन कायाकल्प में मेरठ का प्रदेश में पांचवा स्थान रहा था। यह रैंकिंग 19 मापदंडों के आधार पर की जाती है। सीडीओ और डीएम ने नगरायुक्त से वार्ता की है। इसके बाद विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत दुरुस्त किया जाएगा। इनमें कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जो किराए की इमारत में चल रहे हैं।
नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले स्कूलों के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। इन्हीं विद्यालयों के कारण ऑपरेशन कायाकल्प की रैकिंग में मेरठ पांचवें स्थान पर रहा था। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को बेहतर कर दिया गया है क्योंकि वहां सरकारी जमीनें उपलब्ध हैं। शहर में जमीनों के रेट अधिक होने से स्कूलों का कायाकल्प करना मुश्किल हो रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रह्लादनगर का कायाकल्प करने के लिए फाइल चला दी गई है। - शशांक चौधरी, सीडीओ