सरकार बनाने के बाद अभी मंत्रियों को विभाग दिये जाने बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही मुख्यालय स्तर पर एक्शन शुरू हो गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक पद्माकर सिंह ने सभी जिलों के सीएमओ व सीएमएस को सख्त लहजे में पत्र लिखा है। जिसमें स्पष्ट आदेश दिया गया कि सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर अभियान चलाया जाये। कोई अगर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पकड़ा जाये तो उसके खिलाफ एक्शन लें। छापेमारी के लिए सीएमओ एक कमेटी का गठन करें और उसके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का ब्यौरा मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस किया जाना दंडनीय है और उससे विभाग की छवि धूमिल होती है। इसके साथ ही आम जनता को समुचित चिकित्सा उपलब्ध नहीं हो पाती है। आरोपी चिकित्सक के साथ ही उन अस्पतालों और नर्सिंग होम पर भी कार्रवाई करें, जिनमें चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पकड़े जाते हैं। ऐसे अस्पताल का पंजीकृत निरस्त किया जाए। महानिदेशक की तरफ से सोमवार को ही इस संबंध में सभी जिलों को आदेश भेजा गया।