हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगम्बर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के 25वें दिन सोमवार को सौधर्म इंद्र नरेशचंद्र जैन बने। स्वर्ण कलश से अभिषेक पंकज जैन, पारस जैन, शांतिधारा पंकज जैन, भव्य जैन, आर्जव जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन मंजू जैन, वैशाली जैन ने किया। ब्रा. ब्र. सुनीता दीदी ने संसार के सभी जीव सुखी रहें ऐसी मंगल भावना के साथ शांतिधारा का उच्चारण किया। आज 601 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। सलेकचंद जैन, रेणू जैन संजय जैन, आकांक्षा जैन, ऋषभ जैन, रिचा जैन, शुभम जैन, इंदु जैन, योगेंद्र जैन, कुणाल जैन, बबीता सचदेवा, विजयपाल सचदेवा, मिन्नी, मानव, व्योमा, गौरव, नैना, राजवीर सेठी ने पाठ का वाचन किया। सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ आचार्य 108 चैत्यसागर जी, मुनि वीरसागर जी, विशाल सागर जी, धवल सागर जी, भावभूषण जी, निर्वाणभूषण जी के आशीर्वाद से हुआ। विधान कराने का सौभाग्य पंकज जैन को मिला। क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने ध्वजारोहण किया। जिसमें सुनील जैन, विजय जैन, सुशील जैन, राजीव जैन, मुकेश जैन प्रबंधक बड़ा मंदिर का सहयोग रहा। गुरुवर श्री भावभूषण जी ने कहा कि आज विडंबना तो यह है कि मानव ही मानव का दुश्मन बन गया है। किसी में भी दयाभाव परिलक्षित नहीं होता है। अहम के पुतले ने मानव को दानव बना दिया है। हे मानव! तू दानव न बन, बस तू एक अच्छा इंसान बनकर इंसान की सेवा कर। प्रश्न मंच में विपिन जैन ने पुरस्कार दिए।