मेरठ। फेसबुक के जरिये अपना जाल बिछा रही आईएसआई ने सेना के साथ ही दूसरे वर्ग के युवाओं को भी फंसाने की कोशिशें की हैं। इंटेलीजेंस को भी इसकी जानकारी मिली है कि हनी ट्रैप तकनीक से बहुत से युवा वैज्ञानिक और डाक्टरों को भी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। जिन्होंने रिक्वेस्ट को कबूल किया, उनसे युवतियों ने चैटिंग कीं। इसके चलते मिलिट्री इंटेलीजेंस और एसटीएफ भी फेसबुक पर फ्रेंडशिप वालों की कुंडली खंगाल रही है। मालूम किया जा रहा है कि कितने लोगों ने हनी ट्रैप की फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट किया और चैटिंग में उनसे किस तरह की बातें हुई। इसके अलावा उच्चाधिकारियों से बातचीत कर फेसबुक पर चल रहे इस जाल को भेदने की रणनीति बनाई जा रही हैं।