मेरठ। लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर, दारोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
सिपाही वीरेंद्र सिंह को बिना अनुमति ड्यूटी से 216 दिन, सिपाही वीर सिंह को 6 दिन, सिपाही राजेंद्र सिंह 470 दिन, सिपाही संतोष कुमार को 49 दिन, सिपाही रतनपाल सिंह को 101 दिन, सिपाही उदयवीर सिंह को 32 दिन, अनुपस्थित अवधि का वेतन भत्ता रोकते हुए बेड एंट्री दी गई। थाना मुंडाली के पैरोकार प्रताप नागर को एक अभियुक्त का जमानती प्रार्थनापत्र हाईकोर्ट में जमा कराए जाने के बजाए अपने पास ही रखने पर बेड एंट्री दी गई। सिपाही सतेंद्र सिंह को मलियाना चौकी पर शराब पीकर ड्यूटी करने और फायरमैन कांशीराम को फायर स्टेशन घंटाघर पर शराब पीकर साथी कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार करने का दोषी पाते हुए बेड एंट्री दी गई। वर्ष 2008 में एसआईएस शाखा में तैनात इंस्पेक्टर एसएस जाफरी को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए जहांगीर के केस की विवेचना में मृतक के स्किन टिश्यू व बरामद पिस्टल को एफएसएल न भेजने पर बेड एंट्री दी गई। थाना इंचौली पर तैनात दारोगा धमेंद्र सिंह को मारपीट के एक केस की विवेचना लापरवाही बरतने पर बेड एंट्री दी गई। एसएसपी ने जनपद में 102 हेड कांस्टेबिल व सिपाहियों का ट्रांसफर करते हुए देहात के लिए स्पेशल स्क्वाएड भी गठित की है।