धर्म की हानि होने पर अवतरित होते हैं भगवान
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में जगदीश मंडप में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें साध्वी दर्शनी बाई ने श्रीमद्भागवत आत्म-महायज्ञ के चौथे दिन कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान का अवतरण होता है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण भगवान ने जन्म लेकर धर्म स्थापना की और आत्मोपदेश द्वारा अनेक जीवों का उद्धार किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देखकर श्रद्धालुओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। जजमान नेपाल सिंह चौहान और परिवार के सदस्यों ने पूज्यनीय साध्वी और गायक कलाकारों का स्वागत किया। इस अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया।