बिजनौर में भी उठी थी अवैध खनन के खिलाफ आवाज
बिजनौर। बी चंद्रकला की बिजनौर में तैनाती के दौरान भी अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठी थी और सपा नेताओं पर आरोप लगे थे।
उन्होंने 28 मार्च 2016 को बिजनौर के डीएम का कार्यभार ग्रहण किया था। 14 सितंबर 2016 तक बी चंद्रकला बिजनौर की डीएम रहीं। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में खनन का कोई पट्टा तो नहीं लिया गया, लेकिन अवैध खनन बंद नहीं हुआ था। नजीबाबाद, नगीना, कालागढ़ समेत जिले में जितनी भी नदियां हैं उनमें खनन चलता रहा। रात में खनन चलता था और सपा से जुड़े लोगों पर आरोप लगते रहे। लोग शिकायतें करते, आरोप लगते रहे कि अवैध खनन को अफसरों की शह है, लेकिन इसके बाद भी अवैध खनन बंद नहीं हुआ और सवाल उठते रहे। रात में धड़ल्ले से खनन होता था। सहसपुर स्थित एक बंद पड़े स्लाटरिंग हाउस को चलवाने का मामला भी सुर्खियों में रहा था। पूर्व विधायक लोकेश चौहान ने इसे बंद कराया था। इसे चलवाने में भी डीएम बी चंद्रकला पर उंगलियां उठी थीं।