टूटी सड़कें रोक रहीं तरक्की की राह
मवाना। हस्तिनापुर खादर क्षेत्र की बाढ़ के दौरान टूटी सड़कें क्षेत्र के विकास में रोड़ा बन रही है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों को कस्बों और शहरों से जोड़ने वाली दर्जनभर सड़कें टूटी पड़ी हैं। क्षेत्र के विभिन्न गांवों को कस्बों शहरों से जोड़ने वाली दर्जनभर सड़कें कई वर्षों से बदहाल हैं। जिन पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल बना हुआ है। गड्ढों से युक्त टूटी सड़कें गांवों के विकास में रोड़ा बनी हुई हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों की ओर से इसकी शिकायत कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से की गई। इसके बावजूद सड़कों को दुरुस्त नहीं किया गया। खस्ताहाल सड़कें विभाग के अधिकारियों की अनदेखी का शिकार बनी हुई हैं। क्षेत्रवासी सुंदर सिंह, रणवीर गुर्जर, विपिन चौधरी, प्रवीण, हरेंद्र चौहान, ध्यान सिंह, ऋषिपाल मावी, कश्मीर सिंगर घोराया, सरदार सुच्चा सिंह समेत अन्य लोगों का भी कहना है कि क्षेत्र के गांव हंसापुर, परसापुर, सिरजेपुर, फतेहपुर प्रेम, राठोड़ा कलां, हादीपुर गांवड़ी आदि की सड़कें पूरी तरह टूटी हुई हैं। वहीं, तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली हस्तिनापुर-रामराज रोड बामनोली चौराहे से राठौड़ा खुर्द चौराहे तक लगभग एक किलोमीटर से अधिक टूटी हुई है। इसकी स्थिति बहुत दयनीय है। लोगों को बाजार जाने के लिए एवं स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए इस सड़क का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। लोगों को धीरे-धीरे इस सड़क से गुजरना पड़ता है। ये अधिकतर खस्ताहाल सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन आती हैं। जिन्हें दुरुस्त करने में विभाग के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। कई बार गड्ढा युक्त सड़कों पर उनके वाहन खराब होते हैं तो कभी फसलें मंडी ले जाते समय सड़क पर बिखरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। हस्तिनापुर रामराज मार्ग बीचबीच में से कई जगह से टूटा हुआ है। जिन पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। उन पर भारी वाहनों को गुजरने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग इस ओर से अभी तक आंख मूंदे बैठा है। बताते चलें कि आचार संहिता से पूर्व ही इस सड़क की मरम्मत शुरू हुई थी। वहीं, लगभग डेढ़ किलोमीटर से ज्यादा हिस्सा छोड़ दिया गया। महीना बीतने के बाद भी इस सड़क का पुन: निर्माण नहीं हुआ। जिससे इस सड़क से गुजरने वाले क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।