मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायधीश एमपी एमएलए बृजेश मणि त्रिपाठी ने वर्ष 2008 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के एकाउंट्स विभाग में आगजनी के के मामले में आरोपी विधायक अतुल प्रधान, मनीष निशांत एवं संतोष को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
आरोपी विधायक के अधिवक्ता गगन राणा ने बताया कि वर्ष 2008 में थाना मेडिकल मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा तिथि को लेकर छात्रों में रोष था। इसके विरोधस्वरूप घटना के दिन आरोपी अतुल प्रधान ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अकाउंट्स विभाग में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी। इसमें यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वीसी के निर्देश पर सिक्योरिटी इंचार्ज ने मुकदमा दर्ज कराया था। वादी की ओर से न्यायालय में कुल पांच गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।