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मां की कृपा बिना मनुष्य का भला नहीं

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अहंकार है इंसान के दुख का कारण
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मेरठ। जब बुद्धि जागती है तो हम उसे ज्ञान कहते हैं। हृदय जागता है तो उसके प्रेम कहते हैं। जीव जागता है तो उसे ध्यान कहते हैं। मां भगवती दुर्गा की चर्चा होती है तो वही स्वर्ग है। मां की कृपा बिना मनुष्य के प्रयत्न से कुछ भी नहीं मिल सकता है। यह संदेश कथा व्यास श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को बाबा औघड़नाथ मंदिर स्थित सत्संग भवन में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि इंसान के दुख का एक मात्र कारण अहंकार है। जब लक्ष्मी आती है तो खुशियों के साथ अहंकार लोभ भी लाती है। बदले में विवेक ले जाती है। जिसने विवेक को संभाला उसके घर में जगमगाती है। जीवन का प्रत्येक पल एक उत्सव होना चाहिए। परमात्मा की महान शक्ति मन शीतल पवन में है न कि तूफान में। पांव की ठोकर से धरती पर केवल धूल उड़ती है। इस अवसर पर डॉ. महेश बंसल, सतीश सिंहल, धीरेंद्र सिंहल, सुधीर कुमार गुप्ता, कैलाश चंद बंसल, अजय भार्गव, मुकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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