मेरठ। आल इंडिया बैंक रिटायरीज फेडरेशन की बैठक में बैंकों में हो रहे घपलों को रोकने के लिए ऊपरी प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने का सुझाव दिया गया। लोक ल यूनिट के अध्यक्ष आरके वर्मा के आवास पर हुई बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि आरबीआई के नामित डायरेक्टर, वित्त मंत्रालय के ज्वाइंट सचिव आदि कई अधिकारियों के बोर्ड द्वारा ही 10 करोड़ से अधिक की रकम के लोन पास होते हैं। लेकिन किसी भी घपले में इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होती। वर्तमान में बैंकों के बढ़ते एनपीए और घपलों की वजह से ग्राहकों की चिंता स्वाभाविक है। 99.9 प्रतिशत बैंक कर्मी ईमानदार हैं। घपले रोकने के लिए ऑडिट होता है। ऑडिटर्स की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। सतर्कता विभाग को वित्त मंत्रालय से हटाकर सीधा पीएओ के आधीन करने, पांच करोड़ से अधिक के डिफाल्टरों की सूची जारी करने सहित इस तरह के घपले रोकने को कई सुझाव सरकार को दिए। बैठक में एसोसिएशन के महामंत्री अरुण गर्ग आदि पदाधिकारी मौजूद थे।