जिला अस्पताल में हाफ डे तो आयुष ओपीडी में लगी लाइन
मेरठ। महीने का दूसरा शनिवार (सेकेंड सेटरडे) होने के कारण जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे ही ओपीडी बंद कर दी गई। लिहाजा मरीज जिला अस्पताल में ही स्थित आयुष विंग में चले गए, जहां मरीजों की लाइन लग गई। वहां हाफ डे नहीं था। अमूमन आयुष विंग में इस तरह लाइन नहीं लगती है। आयुष के तहत आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक पद्धति से चिकित्सा की जाती है। इन पद्धतियों की तरफ एलोपैथिक के मुकाबले रुझान काफी कम होने के कारण ज्यादातर मरीज आयुष में नहीं आते हैं। रोजाना तीनों पद्धतियों से इलाज कराने के लिए महज 70 से 80 मरीज ही आते हैं, जबकि जिला अस्पातल में औसतन रोजाना ओपीडी 1500 के आसपास रहती है।