सहारनपुर। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश के कारण जिले में 1684 बीघा फसल बर्बाद हुई है। अभी तक 408 किसानों की खराब फसलों का सर्वे हो चुका है, बाकी सर्वे जारी है। आंकड़ा इससे कहीं अधिक पहुंचने की आशंका है। उधर, मुख्यमंत्री ने जिले के किसानों को मुआवजा देने के लिए तीन करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
बीते सप्ताह जनपद में दो दिन तक तेज हवा के साथ बारिश और देहात में भारी ओलावृष्टि हुई है। इस ओलावृष्टि ने सबसे अधिक गेहूं और सरसों की फसलों को तबाह किया है। इसके बाद सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद से किसान टेंशन में हैं। किसानों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए सरकार ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का सर्वे करा रही है। जनपद में लेखपालों के माध्यम से गांव गांव और खेताें में जाकर खराब हुई फसलों का सर्वे किया जा रहा है।
मंगलवार की शाम तक जनपद के 408 किसानों की फसलों का सर्वे किया जा चुका है। जिसमें 1684.584 बीघा फसल खराब हुई मिली है। जबकि सर्वे अभी जारी है। सर्वे का डाटा पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। चूंकि अभी सर्वे चल रहा है ऐसे में आंकड़ा इससे कहीं अधिक तक पहुंचने की आशंका अधिकारी जता रहे हैं।
- समय से और उचित मुआवजा मिले
सरकार फसलों के मुआवजे को लेकर गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के किसानों के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। लेकिन किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी फसलों का उचित और समय से मुआवजा मिले। किसान अरुण, ताराचंद और महफूज का कहना है कि ओलावृष्टि से किसानों की कमर टूट गई है। सरकार को इसका ख्याल रखना होगा कि उनके साथ मजाक न हो।
- ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसलों का सर्वे चल रहा है, जिसके लिए लेखपाल प्रत्येक गांव में खेतों तक पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन के सर्वे का डाटा पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। साथ ही उच्चाधिकारियों को भी इसे साथ के साथ अवगत कराया जा रहा है। अभी सर्वे जारी है, जिसमें खराब हुई फसलों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। - पंकज कुमार मिश्रा, जिला आपदा विशेषज्ञ।