खालसा पंथ के प्रगट दिवस पर सैफपुर में संत बाबा बचन सिंह कार सेवा दिल्ली के सानिध्य में मंडल का विशेष समारोह हुआ।
प्रगट दिवस पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रचार सोसायटी द्वारा वाहनों से चेतना मार्च निकालते हुए सिख संगत सैफपुर पहुंची। बिजनौर, रामराज, नजीबाबाद, मुजफ्फरनगर, मोदीनगर, सहारनपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सिख संगत अपने वाहनों द्वारा ‘तीन सौ साल गुरु दे नाल‘ राज करेगा खालसा ‘दग तेरा फतह‘ राज करेगा खालसा पंथ के जयकारे लगाते हुए पहुंचे। कविश्यरी जत्थे ज्ञानी सक्तर सिंह एवं साथियों ने दाढ़ी जत्थे नहर सिंह ने गुरु गोविंद सिंह अमृत भाई धर्म सिंह पंज प्यारा एवं खालसा पंथ सृजना संबंधी रचना का इतिहास सुनाकर संगत को निहाल किया। दिल्ली कारसेवा जत्थेदार बाबा जोगिंद्र सिंह बैसाखी पर्व कीर्तनी जत्था के साथ पहुंचे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रचार सोसाइटी के प्रमुख सेवादार रणजीत सिंह जस्सल ने कहा कि खालसा पंथ रूपी वृक्ष जो गुरु गोविंद सिंह के समय में प्रफुल्लित हुआ। उसका बीजारोपण गुरु नानक ने किया था। जिस कृपाण को गुरु गोविंद सिंह ने बनाया उसका फौलाद गुरु नानक जी ने पहला भरण कबूल जीवन को छड़ आस कहकर तैयार किया था। मेरठ जिले में क्रांतिकारी धरती सैफपुर से भाई धर्मसिंह आनंदपुर साहिब पंजाब पहुंचकर गुरु गोविंद सिंह के चरणों में शीश भेंटकर पंज प्यारे की उपाधि प्राप्त की और युद्धों में शामिल हुए। बाबा जोगिंद्र सिंह जी ने सेवा सिमरन का गुरु उपदेश दिया। समारोह में सरदार मंजीत सिंह साहनी, भूपेंद्र सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह बेदी, सरदार दलीप सिंह बुद्धिराजा, हरगोविंद, जगजीत सिंह गुजराल देवपुरी व सरदार लोचन सिंह आदि का विशेष सेवा में सहयोग रहा।